Aug 22, 2011

टॉम एंड जैरी

जैरी ने कहा टॉम से तू क्यों है मेरे पीछे पड़ा
तेरा मेरा जन्मो से कैसे है यह झगड़ा
मैं हु एकदम नन्हा सा, और तू है इतना बड़ा
क्यों खाया नहीं तूने मुझे अबतक, चाहे लाखों बार पकड़ा

पूरा दिन घर में हम बर्तन भांडे फ़ोड़ते हैं
सोफा फर्नीचर टीवी जाने क्या क्या तोड़ते हैं
फायदा है कम नुक्सान है बड़ा
जेरी ने कहा टॉम से तू क्यों है मेरे पीछे पड़ा

 टॉम ने कहा प्रिये जैरी, तू खेल है मेरा
तुझसे दिन शुरू और ख़त्म है मेरा

बर्तन वर्तन तोड़ने में साला अपना क्या जाता है
कार्टून में ही है न, सब अपने आप जुड़ जाता है

तुझे सताए बिना मुझे चैन होता नहीं है
तेरा पीछा किये बिना खाना हजम होता नहीं है

कैसे खा जाऊ तुझे तू तो यार है मेरा
तेरे पीछे भागने में ही संसार है मेरा

4 comments:

Unknown said...

Bhait Tom and jerry to hai hamhara pehla pyaar...pehli baar kisine tom and jerry ne tippani kari hai ek kavita ke madhyam se..achha laga..

Unknown said...

tom and jerry to hum sabhi ko pyaare hain to unpar kavita karne aur padhne me maze aana avanshyambhaavi hai, thanks for reading bro :)

Rajiv said...

Nice :)

Unknown said...

@Rajiv

Thanks bhai, do read some of my other poems on this blog.

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